आयुर्वेदिक डॉक्टर कैसे बने | Ayurvedic Doctor Kaise Bane

Ayurvedic Doctor Kaise Bane:- आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के लिए आपको BAMS का कोर्स करना होता है जो कि 5 वर्षों का होता है और 6 माह का इंटरशिप करना होता है BAMS का पूरा नाम “बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी” बीएएमएस का कोर्स 12वीं पास करने के बाद आप कर सकते हैं लेकिन इसके लिए आपको नीट (NEET) नामक एंट्रेंस एग्जाम क्लियर करना होगा तब जाकर आप किसी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में बीएएमएस करने के लिए एडमिशन ले सकेंगे।

आयुर्वेदिक डॉक्टर कैसे बने | Ayurvedic Doctor Kaise Bane
आयुर्वेदिक डॉक्टर कैसे बने | Ayurvedic Doctor Kaise Bane

और जब आप एक बार बीएएमएस की कोर्स कंप्लीट कर लेते हैं तो आप बहुत आसानी से आयुर्वेदिक डॉक्टर बन सकते हैं तो आज इस लेख में हम आयुर्वेदिक डॉक्टर कैसे बने इसकी पूरी जानकारी देने वाले हैं साथ ही आयुर्वेदिक डॉक्टर की सैलरी कितनी होती है आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के लिए क्या-क्या योग्यताएं की आवश्यकता होती है इसके अलावा आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के क्या फायदे होते हैं इन सभी के बारे में जानना चाहते हैं तो इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

आयुर्वेद क्या है?

आयुर्वेद का मतलब है कि बड़े से बड़े रोगों का इलाज जड़ी बूटियों के द्वारा किया जाता है या गंभीर से गंभीर रोगों का इलाज आयुर्वेद पद्धति यानी जड़ी-बूटी के माध्यम से किया जाता है और इसमें रोगी को पूरी तरह से सही किया जाता है

आयुर्वेद के मुख्य रूप से तो उद्देश्य होते हैं पहला रोगी मनुष्य के रोग का निवारण करना और स्वस्थ मनुष्य के स्वास्थ्य की रक्षा करना यह आयुर्वेद के प्रमुख दो उद्देश्य है इन्हीं दो उद्देश्यों के अनुसार आयुर्वेद मनुष्य के रोगों का उपचार करता है।

आयुर्वेदिक डॉक्टर कैसे बने में आयुर्वेद में वात पित्त कफ के असंतुलन हो जाने को रोग का कारण माना जाता है और पूरी आयुर्वेद चिकित्सा के आठ अंग माने गए हैं जिसे अष्टांग आयुर्वेद कहा जाता है.

अष्टांग आयुर्वेद,-

आयुर्वेद की तुलना आचार्यों ने अमृत से की है जिस प्रकार अमृत के सेवन से व्यक्ति के सभी रोग दूर हो जाते हैं तथा इसका सेवन व्यक्ति को अमर बनाता है और सभी प्रकार से हितकर होता है वैसे ही आयुर्वेद सभी रोगों को नष्ट कर व्यक्ति को स्वास्थ्य शक्तिशाली दीर्घायु और धर्म अर्थ तथा सुख को योग में बनाता है जिससे मनुष्य मोक्ष को प्राप्त कर सके।
अष्टांग आयुर्वेद में चिकित्सा प्रधान है इसलिए यहां 8 अंगों के विभाजन में कायचिकित्सा की प्रधानता है किंतु सुश्रुत संहिता शल्य प्रधान है अष्टांग आयुर्वेद का विभाजन-

  1. शल्य तंत्र – शल्य की परिभाषा बताते हुए अनेक प्रकार के शल्य जो भीतर से प्रविष्ट कर पीड़ा पहुंचाते हैं जैसे घास लकड़ी पत्थर लोहा आदि निश्चित होने पर यंत्र शास्त्र क्षार अग्नि के द्वारा इनकी चिकित्सा बताई गई है.
  2. शलाक तंत्र– कर्ण, मुख ,नासिका आदि जत्रू के ऊपर के अंगों में उत्पन्न हुए रोगों की शांति के लिए तथा शलाका यंत्र के उपयोग के लिए जो आयुर्वेद अंग होता है उसे शलाक तंत्र कहते हैं।
  3. कायचिकित्सा तंत्र– शरीर के सर्वांग में होने वाला ज्वर, रक्तपित्त, शोष, उन्माद, अपस्माद, कुष्ठ ,अतिसार आदि रोगों की चिकित्सा का विधान जिसमें किया जाता है आयुर्वेद के उस अंग को कायचिकित्सा कहते हैं।
    4.बाल रोग– बालक के भरण-पोषण की व्यवस्था धात्री परीक्षा दुष्ट दुग्ध शोधन गृह जन रोगों का प्रतिकार तथा बालक के रोगों की चिकित्सा का विधान जिसमें किया जाता है उसे बाल रोग कहते हैं।
  4. भूत विद्या- देवता पित्र पिशाच तथा ग्रह के कष्ट को दूर करने के लिए उन देव आदि के लिए बलि उपहार पूजा आदि के विधान के द्वारा रोग की शांति का उपाय जिसके द्वारा किया जाता है तो उस अंग को भूत विद्या कहते हैं।
  5. अगद तंत्र- सर्प की लूटा या मकड़ी आदि से डसे अनेक प्रकार के स्वाभाविक कृत्रिम और संयोग विष से ग्रस्त मनुष्य की चिकित्सा के लिए जो अंग होता है उसे अगद तंत्र कहते हैं अगद तंत्र शब्द का प्रयोग आचार्य सुश्रुत ने किया है चरक ने इसे बिषगरव वैरोधिक प्रशमन कहा है।
  6. रसायन तंत्र या जरा- दीर्घ काल तक तरुण अवस्था स्थापन करने के लिए आयु बल तथा बुद्धि की बुद्धि के लिए एवं शरीर रोग प्रतिरोधकता शक्ति बढ़ाने के लिए जो अंग है उसे रसायन तंत्र कहते हैं।
  7. वाजीकरण या वृष- अल्प वीर्य, पुष्ट वीर्य, क्षीण वीर्य एवं शुष्क वीर्य जनों में वीर्य पुष्टि वीर्य शोधन मैथुन इच्छा (प्रहर्ष) बढ़ाने के लिए जो आयुर्वेद अंग है उसे वाजीकरण तंत्र कहते हैं।

आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के क्या फायदे हैं?

आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के बहुत सारे फायदे हैं जैसे कि-

  • बहुत आसानी से आप सरकारी डॉक्टर बन सकते हैं
  • अच्छी सैलरी मिलेगी
  • स्वयं का क्लीनिक खोल सकते हैं जिस पर आप इलाज कर सकते हैं
  • आयुर्वेदिक क्लीनिक में जूनियर डॉक्टर के रूप में अपनी सेवा दे सकते हैं
  • आयुर्वेदिक संबंधी जड़ी बूटियों का रिसर्च कर सकते हैं
  • आपको अपने परिवार समाज में बहुत सम्मान मिलेगा
  • आदि कई महत्वपूर्ण फायदे हैं आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के

आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के लिए योग्यता

आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के लिए आपको सबसे पहले बीएएमएस कोर्स पूरा करना होगा जिसके लिए आपको निम्नलिखित योग्यताओं की आवश्यकता होगी

  • 12वीं में आपको जीव विज्ञान फिजिक्स और केमिस्ट्री विषय होना चाहिए और कम से कम 55 से 60% अंकों से पास होना अनिवार्य है।
  • इसके बाद आप नीट एंट्रेंस एग्जाम के लिए आवेदन करेंगे और नीट क्लियर करेंगे
  • जब आप नीट एंट्रेंस एग्जाम क्लियर कर लेते हैं तो आपको किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज या प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में बीएएमएस करने के लिए एडमिशन मिल जाता है।
  • और जब आप बीएएमएस का कोर्स पूरा कर लेते हैं इसके साथ आपको 6 महीने का इंटरशिप भी करना होता है यह सब आप कर लेते हैं तो आप आयुर्वेदिक डॉक्टर बन जाते हैं।

आयुर्वेदिक डॉक्टर की सैलरी कितनी होती है

यदि आप किसी आयुर्वेद चिकित्सालय या डिस्पेंसरी में आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी बन जाते हैं तब आपको शुरू में कम से कम 50 से 60 हजार की सैलरी हर महीने मिलेगी और यह सैलरी समय के साथ बढ़ती जाती है और आने वाले समय में आप एक लाख से भी ज्यादा सैलरी पायेंगे।

आयुर्वेदिक डॉक्टर कैसे बने | Ayurvedic Doctor Kaise Bane

आयुर्वेदिक डॉक्टर कैसे बने की जानकारी में हम नीचे आपको स्टेप बाय स्टेप बताने जा रहे हैं

  • आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के लिए आपको कक्षा ग्यारहवीं और 12वीं में जीव विज्ञान केमिस्ट्री फिजिक्स विषय के साथ पास करना अनिवार्य है।
  • 12वीं पास करने के बाद नीट एंट्रेंस एग्जाम पास करना होगा
  • आयुर्वेद डॉक्टर बनने के लिए बैचलर डिग्री प्राप्त करना होगा जोकि 5 साल का होता है और 6 महीने का इंटरशिप भी होता है
  • एक बार आप आयुर्वेद की बैचलर डिग्री ले लेते हैं तो आप आयुर्वेदिक डॉक्टर बन जाते हैं।

आयुर्वेदिक कोर्स लिस्ट

आयुर्वेद में किए जाने वाले कोर्स निम्नलिखित हैं-

  1. Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery (BAMS)
  2. Master of Ayurvedic Medicine and Surgery (MAMS)
  3. Diploma in Ayurveda
  4. Post Graduate Diploma in Ayurvedic Medicine
  5. Post Graduate Diploma in Ayurvedic Pharmaceuticals
  6. Doctor of Medicine in Ayurveda
  7. Master of Science in Ayurveda
  8. Certificate course in Ayurvedic Massage and Panchakarma
  9. Certificate course in Ayurvedic Cooking
  10. Certificate course in Ayurvedic Beauty and Skin Care

ये कोर्स आपके राज्य के हिसाब से अलग अलग हो सकते हैं।

आयुर्वेदिक डिप्लोमा कोर्स कैसे प्राप्त करें

1.आयुर्वेदिक डिप्लोमा कोर्स प्राप्त करने के लिए सबसे पहले आपको किसी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज या इंस्टिट्यूट में जाकर पता करना है कि वह कॉलेज आयुर्वेदिक पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं और शासन के द्वारा मान्यता प्राप्त है ।
2.उस संस्थान से प्रवेश प्रक्रिया हेतु आवेदन फॉर्म प्राप्त करें और आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें जैसे की शैक्षणिक योग्यता यह हर इंस्टिट्यूट या राज्य का अलग अलग हो सकता है ।
3.प्रवेश लेने के बाद इंस्टिट्यूट पर आपको निश्चित समय तक अध्ययन करना है इसके पश्चात फाइनल एग्जाम क्लियर करें और
4.अपना आयुर्वेदिक का डिप्लोमा प्राप्त कर लें

तो इस तरह से आप बहुत आसानी से आयुर्वेदिक डिप्लोमा कोर्स प्राप्त कर सकते हैं ।

12वीं के बाद आयुर्वेदिक कोर्स

12वीं के बाद आप आयुर्वेदिक कोर्स आसानी से कर सकते हैं यह कोर्स 1 साल का भी होता है और 2 साल का भी होता है12वीं के बाद आप आयुर्वेदिक कोर्स आसानी से कर सकते हैं यह कोर्स 1 साल का भी होता है और 2 साल का भी होता है। जिससे आप आयुर्वेदिक कंपाउंडर आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट आयुर्वेदिक पंचकर्म टेक्निशियन आदि बन सकते हैं इसके अलावा आप आयुर्वेदिक मेडिकल स्टोर भी खोल सकते हैं।

आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट आयुर्वेदिक कंपाउंडर एवं आयुर्वेदिक पंचकर्म टेक्निशियन 12वीं के बाद आप कर सकते हैं

मुझे उम्मीद है कि आपको आयुर्वेदिक डॉक्टर कैसे बने, Ayurvedic Doctor Kaise Bane कि यह जानकारी पसंद आया होगा यदि आयुर्वेदिक डॉक्टर कैसे बने इसके बारे में कोई अन्य जानकारी जानना चाहते हैं तो कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।

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