मध्यप्रदेश के जनजातीय व्यक्ति | Madhya Pradesh ke Pramukh Janjatiya Vyaktitva

Madhya Pradesh ke Pramukh Janjatiya Vyaktitva, मध्यप्रदेश के जनजातीय व्यक्ति, निमाड़ का रॉबिनहुड किसे कहा जाता है, अंग्रेजों द्वारा इंडियन रोबिन हुड किसे कहां गया था ?

Madhya Pradesh ke Pramukh Janjatiya Vyaktitva | मध्यप्रदेश के जनजातीय व्यक्ति

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टंट्या भील

टंट्या भील का जन्म खंडवा जिले के पंधाना तहसील मैं वर्ष 1842 में हुआ था और टंट्या भील को टंड्रा या टांटिया के नाम से भी जाना जाता है टंट्या भील को इंडियन रोबिन हुड भी कहा जाता है और इन्हें अंग्रेजों द्वारा वर्ष 1888 में फांसी दे दी गई थी।

टंट्या भील का समाधि पातालपानी इंदौर जिले में स्थित है और इन के सम्मान में पातालपानी रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर टंट्या मामा रेलवे स्टेशन किया गया है।

रानी कमलापति

रानी कमलापति का जन्म मध्यप्रदेश के सीहोर के सलकनपुर रियासत में हुआ था और रानी कमलापति का विवाह गिन्नौरगढ़ के राजा निजाम शाह से हुआ था वर्ष 1702 में निजाम शाह ने कमलापति महल का निर्माण भोपाल तालाब के किनारे कराया था मध्य प्रदेश का वर्ल्ड क्लासेस रेलवे स्टेशन हबीब गंज भोपाल की अंतिम गौड़ शाशिक रानी कमलापति के नाम से जाना जा रहा है।

पेमा फत्या

भील आदिवासियों का विश्व प्रसिद्ध चित्रकला पिथौरा है और मध्यप्रदेश के जनजातीय व्यक्ति उसके श्रेष्ठ पिथौरा कलाकार थे इनका संबंध मध्यप्रदेश के अलीराजपुर जिले से है और 31 मार्च 2020 की रात में इनका निधन हो गया।

भूरी बाई

भूरी बाई मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले से संबंधित है जोकि भील चित्रकला के लिए प्रसिद्ध है भूरी बाई को 26 जनवरी 2021 को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

भीमा नायक

मध्य प्रदेश के स्वतंत्रता आंदोलन में जिन नायकों का नाम लिया जाता है उनमें भीमा नायक का भी विशिष्ट योगदान रहा इनका जन्म खरगोन जिले के पंच मोहाली गांव में वर्ष 1840 में हुआ था। आदिवासियों का यह पहला लड़ाका योद्धा है जिसे अंडमान के काला पानी में 29 दिसंबर 1876 को फांसी दे दी गई थी

खाज्या नायक

खाज्या नायक का जन्म वर्ष 1830 में निमाड़ में हुआ था खाज्या और भीमा नायक की जोड़ी ने 1857 की क्रांति में अंग्रेजों के विरुद्ध युद्ध छेड़ दिया और कर्नल आउट्रम ने खाज्या को धोखे से बंदी बनाकर हत्या करवा दी।

रानी दुर्गावती

रानी दुर्गावती का जन्म 5 अक्टूबर 1524 को उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में कालिंजर के राजा कीर्ति सिंह चंदेल के यहां हुआ था दुर्गा अष्टमी के दिन जन्म होने के कारण इनका नाम दुर्गावती रखा गया इनका विवाह गौड़ शासक दलपत शाह से हुआ था क्या है।

झलकारी बाई

झलकारी बाई का जन्म झांसी के भोजला गांव में हुआ था झलकारी बाई रानी लक्ष्मीबाई की अंग रक्षिका थी झलकारी बाई की 14 फीट की प्रतिमा भोपाल में 2017 को स्थापित की गई है।

गिरधारी बाई

गिरधारी बाई मंडला गढ़ की शासिका रानी अवंती बाई की अंग रक्षिका थी और इनकी समाधि मंडला जिले में स्थित है

गुंजन सिंह कोरकु

इनका जन्म वर्ष 1930 मैं घोड़ाडोंगरी बेतूल मैं हुआ जंगल सत्याग्रह का नेतृत्व गुंजन सिंह कोरकु द्वारा किया गया

वीरसा गोंड

1942 में बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी शाहपुर क्षेत्र के आदिवासी सेनानियों का एक बड़ा समूह 19 अगस्त 1942 को वीरसा गोंड के नेतृत्व में घोड़ाडोंगरी रेलवे स्टेशन के पास इकट्ठा हुआ और सरदार वीरसा ने जंगल जंगल घूम कर इन आदिवासियों को प्रेरित और एकजुट किया था ।

इस आदिवासी समूह ने रेल की पटरियां उखाड़ दी पुलिस थाने और घोड़ाडोंगरी रेलवे स्टेशन के पीछे स्थित लकड़ी के विशाल डीपो को भी आग के हवाले कर दिया पुलिस और वन अधिकारी घटनास्थल पर आए पुलिस ने बिना चेतावनी दिए गोलियों की बौछार कर दी वीरसा गौड़ की घटनास्थल पर ही मौत हो गई और जिर्रा गौड़ की मृत्यु बाद में कारावास में हुई अंग्रेजी हुकूमत ने यहां आदिवासियों पर काफी जुल्म ढाए।

अर्जुन सिंह धुर्वे

अर्जुन सिंह धुर्वे का संबंध डिंडोरी जिले से है और इन्हें बैगा नृत्य के लिए विशेष प्रसिद्धि प्राप्त है इन्हें वर्ष 2022 में पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है।

कांतिलाल भूरिया

कांतिलाल भूरिया का जन्म मध्यप्रदेश के झाबुआ में 1 जून 1950 को हुआ था वह नानूराम भूरिया और लाली बाई के पुत्र हैं

कांतिलाल भूरिया झाबुआ एवं रतलाम लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी की तरफ से निर्वाचित हो चुके हैं एवं 2009 में इन्हें कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल किया गया था।

कांतिलाल भूरिया वर्तमान समय में मध्यप्रदेश के आदिवासी व्यक्तियों में एक बड़ा नाम है जोकि अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग और गरीब लोगों के विकास के लिए हमेशा काम करते हैं।

फग्गन सिंह कुलस्ते

फग्गन सिंह कुलस्ते मध्यप्रदेश के मंडला जिला के बरबट्टी ग्राम के रहने वाले हैं इनका जन्म 18 मई 1959 को हुआ फग्गन सिंह कुलस्ते बीजेपी के वरिष्ठ नेता है जो कि मंडला जिले से 6 बार लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं वर्तमान में केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री है।

FAQs-

निमाड़ का रॉबिनहुड किसे कहा जाता है?

निमाड़ का रोबिन हुड टंट्या भील को कहा जाता है

अंग्रेजों द्वारा इंडियन रोबिन हुड किसे कहां गया था ?

टंट्या भील को इंडियन रोबिन हुड भी कहा जाता है

मुझे उम्मीद है कि आप को Madhya Pradesh ke Pramukh Janjatiya Vyaktitva | मध्यप्रदेश के जनजातीय व्यक्ति की यह जानकारी पसंद आया होगा ऐसे ही मध्य प्रदेश से संबंधित सामान्य ज्ञान पाने के लिए इस वेबसाइट को बुकमार्क कीजिए।

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