मध्य प्रदेश के सत्याग्रह | Satyagraha of Madhya Pradesh

मध्य प्रदेश के सत्याग्रह (Satyagraha of Madhya Pradesh) मध्यप्रदेश में जंगल सत्याग्रह कब शुरू हुआ एवं मध्य प्रदेश में जंगल सत्याग्रह का नेतृत्व किसने किया झंडा सत्याग्रह कब और कहां शुरू हुआ एवं झंडा सत्याग्रह किसने शुरू किया।

मध्य प्रदेश के सत्याग्रह | Satyagraha of Madhya Pradesh

झंडा सत्याग्रह

जनवरी 1923 जबलपुर में पहला झंडा सत्याग्रह की शुरुआत श्री राजेंद्र प्रसाद देवदास गांधी एवं रामगोपाल आचार्य ने किया था इस सत्याग्रह का मुख्य उद्देश्य अंग्रेजी झंडे को उतार कर फेंकना और अपने भारतीय झंडे को फहराना मुख्य उद्देश्य था मार्च 1923 को झंडा सत्याग्रह का नेतृत्व जबलपुर में पंडित सुंदरलाल शर्मा एवं सुभद्रा कुमारी चौहान ने किया झंडा फहराने पर पंडित सुंदरलाल शर्मा को 6 माह की सजा सुनाई गई 13 अप्रैल 1923 को नागपुर में झंडा सत्याग्रह हुआ और अप्रैल 1923 में जबलपुर से पुनः झंडा सत्याग्रह का नेतृत्व सरोजिनी नायडू ने किया एवं 18 जून 1923 को मध्यप्रदेश में झंडा दिवस मनाया गया इस दौरान कन छेदीलाल बंसीलाल व काशी प्रसाद ने जबलपुर के टाउन हॉल में झंडा फहराया।

जंगल सत्याग्रह

1930 में जंगल सत्याग्रह की शुरुआत भी जबलपुर से हुई थी जिसका नेतृत्व माखनलाल चतुर्वेदी एवं द्वारिका प्रसाद मिश्र ने किया और इसी दौरान इन पर राजद्रोह का आरोप भी लगाया गया था इस सत्याग्रह का मुख्य उद्देश वन कानून का विरोध करना था अगस्त 1930 में घोड़ाडोंगरी बेतूल जंगल सत्याग्रह का नेतृत्व गुंजन सिंह कोरकू द्वारा किया गया एवं 9 अक्टूबर 1930 टूरिया सिवनी जंगल सत्याग्रह का नेतृत्व दुर्गा शंकर मेहता ने किया घुनघुटी जंगल सत्याग्रह अक्टूबर 1930 को उमरिया में किया गया 11 अगस्त 1930 को छिंदवाड़ा में जंगल सत्याग्रह किया गया एवं सितंबर 1930 को ओरछा जंगल सत्याग्रह बेतवा नदी के किनारे किया गया जिसका नेतृत्व लालाराम वाजपेई ने किया।

नमक सत्याग्रह

1930 में गांधी जी को दांडी में गिरफ्तार करने के बाद भारत में जगह-जगह नमक सत्याग्रह किया गया मध्यप्रदेश में इसका नेतृत्व जबलपुर में सेठ गोविंद दास एवं द्वारका प्रसाद मिश्र के द्वारा किया गया सिवनी से दुर्गा शंकर मेहता ने नमक बनाकर इस आंदोलन का नेतृत्व किया।

मध्यप्रदेश में हुए अन्य आंदोलन / घटनाएं

पंजाब मेल हत्याकांड

पंजाब मेल हत्याकांड 24 जुलाई 1931 को हुआ था यह खंडवा रेलवे स्टेशन से जा रही पंजाब मेल ट्रेन में यशवंत सिंह एवं देव नारायण तिवारी ने हथियार ले जा रहे अंग्रेज मेजर जी आर ईकस्ट की हत्या कर दी गई इस घटना को पंजाब मेल हत्याकांड की घटना कहा जाता है इसके बाद यशवंत सेवा देव नारायण तिवारी को फांसी की सजा दे दी गई।

चरण पादुका कांड

चरण पादुका कांड 24 जनवरी 1931 को हुआ छतरपुर जिले के चरण पादुका नामक स्थान पर कर्नल फिशर ने स्वतंत्रता सेनानियों पर गोलियां चलवा दी इनमें छह लोगों की मौत हो गई इस घटना को मध्य प्रदेश का जलियांवाला बाग हत्याकांड कहा जाता है चरण पादुका कांड में है स्वतंत्रता सेनानी शहीद हुए थे जिनमें सेठ सुंदरलाल, धर्मदास खिरवा, चीरकू, हल्के कुर्मी, रामलाल कुर्मी एवं रघुराज सिंह शामिल थे।

सराफा सत्याग्रह

सराफा सत्याग्रह 6 सितंबर 1942 को इंदौर में शुरू हुआ था इंदौर में स्वतंत्रता की मांग कर रहे लोगों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और गोलियां चलाई इस चार्ज में मदन लाल ओसवाल मारे गए जिसके विरोध में जनता ने सराफा सत्याग्रह शुरू किया।

बोरास गांव काण्ड

मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के बोरास गांव में 14 जनवरी 1949 को नवाबी सेना और क्रांतिकारियों के मध्य युद्ध हुआ था युद्ध का प्रमुख कारण नर्मदा नदी के तट पर तिरंगा फहराना था इस घटना में बैजनाथ गुप्ता, मंगल सिंह, वीरन सिंह, छोटे लाल की हत्या नवाबी सेना ने कर दी इस घटना को भोपाल का जलियांवाला बाग हत्याकांड कहा जाता है उस समय भोपाल रियासत के अंतर्गत रायसेन आता था।

चावल आंदोलन

28 फरवरी 1947 को रीवा मैं यह आंदोलन हुआ था जबरन चावल उगाही के विरुद्ध जन आंदोलन में पुलिस द्वारा गोलियां चलाई गई जिसमें त्रिभुवन तिवारी एवं भैरव प्रसाद तिवारी शहीद हो गए इसी आक्रोश ने चावल आंदोलन का रूप ले लिया।

त्रिपुरी अधिवेशन

सुभाष चंद्र बोस की अध्यक्षता में त्रिपुरी में मध्यप्रदेश में एकमात्र कांग्रेस अधिवेशन आयोजित किया गया था यह अधिवेशन जबलपुर के तिलवारा घाट पर 29 जनवरी 1939 को आयोजित की गई थी यह अधिवेशन की अध्यक्षता के पहले सुभाष चंद्र बोस ने अध्यक्ष पद के लिए वोटिंग में पट्टा भी सीतारामय्या को हराया मतभेद होने के कारण सुभाष चंद्र बोस ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया तत्पश्चात राजेंद्र प्रसाद को यहां का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।

सोहावल नरसंहार

सतना जिले के सोहावल माजन गांव में 19 जुलाई 1938 को सोहावल नरसंहार घटना हुई थी ब्रिटिश सैनिकों द्वारा लालपुर प्रताप सिंह के नेतृत्व में आयोजित आमसभा पर गोलियां चला दी गई इस घटना में लाल बुध प्रताप मंदिर पांडे और रामाश्रय गौतम की हत्या हो गई इस घटना को माजन गोली हत्याकांड के नाम से जाना जाता है।

भोपाल राज्य हिंदू सभा

समाज सेवा के उद्देश्य से मास्टर लाल सिंह डॉक्टर जमुना प्रसाद पंडित उद्धव राव मेहता के सहयोग से भोपाल राज्य हिंदू सभा की स्थापना वर्ष 1934 में की गई।

प्रजा परिषद

किसानों एवं मजदूरों को संगठित करने के उद्देश्य से रतलाम में 1935 में प्रजा परिषद का गठन किया गया था।

अंजुमन खुद्दाम-ए-वतन

समाज सेवक के उद्देश्य से मौलाना तरजी खां एवं शाकिर अली खान ने भोपाल में अंजुमन खुद्दाम-ए-वतन की स्थापना 1934 में की थी।

प्रजामंडल

शराबबंदी हरिजन उद्दार, विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करने के उद्देश्य से झाबुआ में 1934 में एवं भोपाल में 1938 में प्रजामंडल की स्थापना की गई।

स्त्री सेवादल

स्वामी ज्ञानानंद के नेतृत्व में रतलाम कांग्रेस समिति 1920 के तहत 1931 में स्त्री सेवा दल की स्थापना रतलाम में की गई जिसका उद्देश्य स्वतंत्रता की मांग के साथ साथ समाज की सेवा करना था।

कसाई खाना आंदोलन

यह आंदोलन 1920 में माखनलाल चतुर्वेदी ने प्रारंभ किया था ब्रिटिश कंपनी सेंट्रल एंड ट्रेडिंग सागर के रतौना नामक स्थान पर कसाई खाना स्थापित करना चाहती थी गौ वध के विरोध में इस आंदोलन को माखनलाल चतुर्वेदी ने कर्मवीर समाचार पत्र के द्वारा प्रारंभ किया था।

FAQs-

मध्यप्रदेश में जंगल सत्याग्रह कब शुरू हुआ ?

1930 में जंगल सत्याग्रह की शुरुआत जबलपुर से हुई

मध्य प्रदेश में जंगल सत्याग्रह का नेतृत्व किसने किया ?

जंगल सत्याग्रह की शुरुआत माखनलाल चतुर्वेदी एवं द्वारिका प्रसाद मिश्र ने नेतृत्व किया

झंडा सत्याग्रह कब और कहां शुरू हुआ ?

झंडा सत्याग्रह जनवरी 1923 में जबलपुर मैंशुरू हुआ

झंडा सत्याग्रह किसने शुरू किया?

राजेंद्र प्रसाद देवदास गांधी एवं राम गोपाल आचार्य के नेतृत्व में शुरू किया गया

टुरिया जंगल सत्याग्रह कन्हा शुरु हुआ?

9 अक्टूबर 1930 टुरिया (सिव्नी) जंगल से शुरु हुआ जिसका नेतृत्व दुर्गा शंकर मेहता ने किया।

चंद्रशेखर आजाद का पूरा नाम क्या था?

चंद्रशेखर आजाद का पूरा नाम चंद्रशेखर सीताराम तिवारी था

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